कैथोलिक डायोसिस, झाबुआ: ‘आशा के तीर्थयात्रियों’ पर तीन दिवसीय आध्यात्मिक प्रार्थना सभा

जिला झाबुआ/ राजेंद्र राठौर,





मेघनगर – झाबुआ के कैथोलिक डायोसिस द्वारा वर्ष 2025 के जयंती वर्ष और पवित्र चालीसा काल के अवसर पर तीन दिवसीय आत्म-नवीनता प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा है। यह महत्वपूर्ण आयोजन 29, 30, 31 मार्च 2025 को सेंट अर्नोल्ड चर्च परिसर, मेघनगर में संपन्न होगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य “आशा के तीर्थयात्री” के विषय पर ध्यान केंद्रित करना है, जिससे सभी श्रद्धालु अपने आध्यात्मिक जीवन में नवीनीकरण और प्रगति की दिशा में आगे बढ़ सकें।
तीन दिन का यह प्रार्थना सभा सभी ईसाइयों के लिए एक विशेष अवसर होगा, जिसमें वे अपने पापों से मुक्ति प्राप्त करते हुए, मसीह में नया जीवन प्राप्त कर सकेंगे। यह समय है जब हम अपने पापों को छोड़कर, मसीह में नए वस्त्र पहनकर, यीशु के करीब आ सकते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान श्रद्धालु अपने आध्यात्मिक जीवन की पुनरावृत्ति करते हुए, अपनी आस्थाओं को मजबूती से नए सिरे से स्थापित कर सकते हैं।
पोप फ्रांसिस ने जयंती वर्ष 2025 के बारे में कहा था, “जयंती वर्ष हमें याद दिलाता है कि हम सभी को आशा की ओर बढ़ने के लिए बुलाए गए हैं। यह एक समय है जब हम अपनी आध्यात्मिक यात्रा को पुनः जागृत कर सकते हैं और मसीह में अपने विश्वास को दृढ़ कर सकते हैं। यह समय हमें हमारे आंतरिक सुधार और आत्म-परिष्करण की ओर ले जाता है।”
झाबुआ डायोसिस का यह आध्यात्मिक आयोजन सभी ईसाइयों को यीशु से निकटता और जीवन में आशा का अनुभव करने का एक अद्भुत अवसर है। इसआध्यात्मिक प्रार्थना सभा का उद्देश्य हम सभी को अपनी आस्थाओं में नवीनीकरण और आध्यात्मिक प्रगति की ओर प्रेरित करना है।
झाबुआ डायोसिस के धर्माध्यक्ष पीटर रुमाल खराड़ी और डायोसिस के सचिव फादर सिल्वेस्टर मेड़ा एवं विकार जनरल फादर पी. ए. थॉमस सभी श्रद्धालुओं से इस विशेष अवसर पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने का आह्वान करते हैं, ताकि वे इस पवित्र समय का लाभ उठाकर, यीशु से अपने संबंध को और भी प्रगाढ़ कर सकें।
