“मातृधरा अभियान” के अंतर्गत नारी शक्ति ने नुक्कड़ नाटक कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश


झाबुआ। जिले में कलेक्टर नेहा मीना की पहल पर महिलाओं की भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “मातृधरा अभियान (नारी शक्ति से प्रकृति को शक्ति)” प्रारम्भ हुआ हैं। “मातृधरा अभियान” के अंतर्गत “नारी शक्ति से प्रकृति को शक्ति” विषय पर एक विशेष नुक्कड़ नाटक का आयोजन श्रीमती अन्नु भाबोर एवं परशुरामेश्वर रामायण मंडल, मेघनगर नाका के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में मंडल की महिला सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश जनसमुदाय को दिया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यह बताया गया कि किस प्रकार महिलाएँ अपनी भूमिका के माध्यम से प्रकृति के संरक्षण में अहम योगदान दे सकती हैं। साथ ही नुक्कड़ नाटक में वृक्षों के संरक्षण और उनके बचाव के लिए विशेष संदेश दिया गया। नुक्कड़ नाटक के दौरान श्रीमती अन्नु भाबोर द्वारा स्वरचित भीली गीत गाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम जन में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण हेतु प्रेरित करना था। इस अवसर पर स्थानीय, महिलाएँ, युवा एवं बच्चे उपस्थित रहे और उन्होंने कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की। मंडल के सदस्यों ने सभी से पर्यावरण संरक्षण हेतु छोटे-छोटे कदम उठाने की अपील की, जैसे – पौधारोपण, प्लास्टिक का कम उपयोग, जल संरक्षण आदि। नुक्कड़ नाटक के उपरांत सभी ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली गयी।
कार्यक्रम के अंत में मंडल की ओर से सभी प्रतिभागियों और दर्शकों को धन्यवाद दिया गया तथा इस अभियान को सतत् रूप से आगे बढ़ाने की शपथ ली गई।
नुक्कड़ नाटक में परशुरामेश्वर रामायण मंडल श्रीमती सवीता पालीवाल, श्रीमती हेमा शर्मा, श्रीमती संगीता शर्मा, श्रीमती अरुणा बैरागी, श्रीमती मीना सोनगरा, श्रीमती राजकुमारी शर्मा, श्रीमती झमकु भाबोर, श्रीमती दीपा पंत, श्रीमती रेखा विश्वकर्मा, श्रीमती टिना चौधरी, श्रीमती भावना सोनी, नुक्कड़ नाटक का निर्देशन मुज्जमिल खान एवं सहायक निर्देशन मयंक भावसार , दीपेश प्रजापति , कृष्णा भूरिया द्वारा किया गया।
