सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत डोर-टू-डोर पंजीयन किया जा रहा





झाबुआ। प्रदेश शासन की महत्त्वाकांक्षी सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर नेहा मीना के निर्देशानुसार जिले में किसानों के डोर-टू-डोर पंजीयन की प्रक्रिया की जा रही हैं। इस अभियान के अंतर्गत राजस्व, कृषि एवं सहकारी संस्थाओं के अमले द्वारा गांव-गांव जाकर किसानों के पंजीयन कार्य को तेजी से संपन्न किया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रह सके। कलेक्टर नेहा मीना ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में किसानों को योजना की जानकारी देकर उन्हें पंजीयन के लिए प्रेरित किया जाए। जिन पंचायतों में सोयाबीन का अधिक रकबा है, वहां विशेष पंजीयन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में किसानों को योजना की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और पंजीयन की संपूर्ण जानकारी दी जा रही है, जिससे अधिक से अधिक किसान इस योजना से लाभान्वित हो सकें। अब तक जिले में कुल 7156 किसानों का पंजीयन किया जा चुका है। यह संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है, क्योंकि ग्रामीण स्तर पर सक्रिय दलों द्वारा किसानों से निरंतर संपर्क कर उन्हें पंजीयन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। पंजीयन की प्रगति का निरंतर निरीक्षण किया जा रहा है। कलेक्टर के निर्देशानुसार अधिकारीगण समय-समय पर विभिन्न पंजीयन केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान किसानों को योजना से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी दी जाती है और पंजीयन प्रक्रिया में आने वाली किसी भी कठिनाई का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

