श्री ऋषभदेव बावन जिनालय में गुरू सप्तमी महा-महोत्सव मनाया गया

प्रभात फैरी में बड़ी संख्या में समाजजन हुए शामिल

गुरूपद महापूजन एवं महाआरती का हुआ आयोजन

झाबुआ। विश्व पूज्य दादा गुरूदेव श्रीमद् विजय राजेन्द्र सूरीश्वरजी की द्वि-शताब्दी (200वीं) जन्म जयंती के उपलक्ष में परम् पूज्य साध्वी श्री पुष्पाश्रीजी मसा की सुशिष्या श्री रत्नरेखा श्रीजी मसा आदि ठाणा-3 की निश्रा में श्री ऋषभदेव बावन जिनालय में 27 दिसंबर, शनिवार को गुरू सप्तमी महा-महोत्सव धूमधाम एवं हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर में दिनभर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम हुए। सभी आयोजन आयोजन श्री जैन श्वेतांबर श्री संघ द्वारा किए गए।
जानकारी देते हुए श्री संघ मीडिया प्रभारी रिंकू रूनवाल ने बताया कि प्रातः 6.30 बजे भक्तामर पाठ वरिष्ठ श्रावक सोहनलाल कोठारी के सामूहिक के नेतृत्व में भक्तिभावपूर्वक सपंन्न हुआ। भक्तामर पाठ के लाभार्थी मनोहरलाल, प्रतीककुमार, विरम मोदी परिवार रहे। 7.15 बजे बावन जिनालय से शहर में भव्य प्रभात फैरी निकाली गई। प्रभात फैरी शहर के प्रमुख मार्गों से होकर पुनः मंदिर पहुंची। जिसमें रथ पर दादा गुरूदेव की प्रतिमा को लेकर जीवनबालाबेन पोरवाल चली। प्रभात फैरी में समाज के ध्वज लेकर दो-दो की कतार में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। इससे पूर्व परम् पूज्य आचार्य श्री महाश्रमणजी के सुशिष्य मुनिश्री कोमलकुमार एवं मुनि श्री सिद्धार्थकुमार ने समाजजनों को मांगलिक का श्रवण करवाया। पूज्य गुरूदेव की प्रतिमा का अभिषेक एवं केसर पूजन का लाभ आनंदीदेवी लक्ष्मीचंद जैन ‘नेताजी’ परिवार ने लिया। 8 बजे से दादा गुरूदेव की प्रतिमा के सम्मुख गुरूपद महापूजन का आयोजन हुआ। पूजन की विधि विधिकारक ओएल जैन ने संपन्न करवाई। यह पूजन पूज्य साध्वी श्री रत्नरेखा श्रीजी, कल्पदर्शिता श्रीजी एवं अनुभवदृष्टा श्रीजी मसा की निश्रा में पढ़ाई गई। पूजन में समाज के वरिष्ठ धर्मचन्द मेहता, अशोक कटारिया, श्री संघ अध्यक्ष संजय मेहता, मनोहरलाल भंडारी, हुक्मीचंद छाजेड़ निखिल भंडारी, मनोज मुथा, रिंकू रूनवाल आदि सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं शामिल हुई। महापूजन एवं आरती के संपूर्ण लाभार्थी लीलाबाई शंातिलाल भंडारी परिवार रहे। दादा गुरूदेव की सोने एवं चांदी के वर्क से सुंदर अंगरचना हर्ष दिलीप सेठिया द्वारा की गई।
गुरूदेव के जीवन पर आधारित प्रश्नोत्तरी परीक्षा का हुआ आयोजन
दोपहर 11.30 बजे से सामूहिक आयबिल का आयोजन हुआ। दोपहर 12.30 बजे से लक्ष्मीनगर स्थित सद्गुरू गौशाला में समाजजनों ने गौमाताओं की पूजन कर गौ-ग्रास करवाया। दोपहर 1 बजे से सामूहिक सामायिक का आयोजन गुरू मंदिर हॉल में हुआ। जिसमें प्रश्नोत्तरी के रूप में लिखित परीक्षा भी रखी गई। जिसमें पूज्य गुरूदेव के जीवन पर प्रश्न पूछे गए। परीक्षा का संचालन प्रेरणा मेहता एवं कविता मेहता ने किया। इसमंे 50 श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता की। रात्रि 8 बजे सामूहिक भक्ति एवं दादा गुरूदेव की महाआरती का आयोजन हुआ। इस दौरान लक्की-ड्रा का भी आयोजन किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम की विशेषता यह रहीं है कि जिला मुख्यालय पर प्रथम बार सामूहिक रूप से प्रभात फैरी का आयोजन किया गया एवं प्रथम बार गुरूदेव के जीवन चरित्र पर आधािरत लिखित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।
सभी जैन मंदिरों में गुरूदेव की पूजन-आरती की गई
श्री संघ मीडिया प्रभारी रिंकू रूनवाल ने आगे बताया कि गुरू सप्तमी के उपलक्ष में शहर के सभी जैन मंदिरों में पर दादा गुरूदेव की विशेष पूजन, आरती का आयोजन हुआ। जैन मंदिरों में भगवान एवं दादा गुरूदेव के दर्शन-पूजन के लिए दिनभर भीड़ लगी रहीं। इस दिन कई समाजजन एवं गुरूभक्त राजगढ़ स्थित श्री मोहनखेड़ा तीर्थ एवं भरतपुर (राजस्थान) तीर्थ पर भी दादा गुरूदेव के दर्शन-वंदन हेतु पहुंचे।

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राजेंद्र राठौर

राजेंद्र राठौर टुडे लाइव न्यूज़ के सह-संपादक हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्षों का अनुभव रखने वाले राठौर राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े विषयों पर उत्कृष्ट पकड़ और विश्लेषण क्षमता के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनसंवेदनशीलता से परिपूर्ण होती है।

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