जैन समाज के 200 से अधिक घरों के मुख्य द्वार पर विराजमान हुए प्रभु श्री पार्श्वनाथजी







ॐ पुण्याहां पुण्याहां, ॐ प्रियंताम प्रियंताम के मंत्रोच्चार के साथ विराजित हुए प्रभु पार्श्वनाथ जी
झाबुआ -स्थानीय जैन तीर्थ श्री ऋषभदेव 52 जिनालय, जैन श्वेतांबर श्री संघ झाबुआ के प्रांगण में आज खुशी का माहौल है, हर्षोल्लास ,उमंग ,उत्साह है क्योंकि आज प्रत्येक जैन परिवार के घर द्वार पर शुभ मुहुर्त में परमात्मा प्रभु श्री पार्श्वनाथ जी विराजमान हुए।
श्री संघ के रिंकू रुनवाल ने बताया कि युगप्रधान आचार्य- सम परम पूज्य पन्यास प्रवर श्री चंद्रशेखर विजय जी महाराज साहब के शिष्यरत्न आचार्य भगवंत श्री जिनसुंदर सुरीश्वर जी महाराज साहेब की पावन प्रेरणा से एवं पन्यास प्रवर श्री योगरुचि विजय जी महाराज साहेब की पावन निश्रा में श्री ऋषभदेव 52 जिनालय पर 200 से अधिक पार्श्वनाथ प्रभु की प्रतिमा की अष्टप्रकारी पूजन विधि विधान के साथ 8 जनवरी को विशिष्ट मंत्रोंच्चार एवं अभिमंत्रित वासक्षेप के द्वारा मंत्रित की थी, जो प्रतिमा श्री संघ के प्रत्येक घर में विराजमान होने का शुभ मुहूर्त पूज्य श्री ने 1 फरवरी रवि पुष्य एवं सर्वार्थसिद्धि योग के साथ दिया था जो कि आज जैन समाज के 200 से अधिक घरों के मुख्य द्वार पर श्री संघ के श्रावक श्राविकाओं ने हर्षोल्लाह के साथ प्रभु के आह्वान एवं धूप,दीप ,अक्षत, नैवेद्य, फल व वासक्षेप आदि से पूजन करने के पश्चात नवकार मंत्र का जाप के साथ प्रभु पार्श्वनाथ जी मंगल चैत्य के रूप में घर के द्वारा के ऊपर विराजमान किये गए।
